Saturday, April 17, 2010

childrens day

बचपन !!
बारिश की रिमझिम फुहारों सा निर्मल,निश्चल,
बहती नदी पर खेलती सूरज की
ज्योतिर्मय किरणों सा उज्जवल ..
बर्फीली चादरों से ढके पर्वतों पर खिलने को
आतुर नन्ही सी कली-सा...
,,, बचपन,,,

बच्चो के नाजुक हाथों को चाँद सितारे छु लेने दो..
चार किताबे पढ़ कर वो भी हम जैसे हो जायेंगे...

*** happy childrnday ***
khushi...